हेलो, मैं मनीषा दिल्ली से … मैं आपके सामने एक बार फिर हाजिर हूं अपनी नई कहानी लेकर मस्तराम पर!
मेरी पिछली कहानियों
मैंने अपने पति की तमन्ना पूरी की
मैंने दूसरे लंड से चुदने की इच्छा पूरी की
पर मुझे बहुत से मेल आये, मैंने पुरजोर कोशिश की कि मैं सबके जवाब दूं. पर ऐसा नहीं हो पाया. मुझे बहुत सारे मेल चुदाई के ले आते थे. मैं इतने मेल पाकर अंदर ही अंदर बहुत खुश थी.
सब कुछ सामान्य चल रहा था. बहुत दिन हो गए थे यही ईमेल का सिलसिला चलते हुए … अब मैं बोर होने लगी थी तो मैंने अपने हस्बैंड से यह ईमेल की बात सुनाने की सोची.

मैंने उनसे कहा- मैं अंतर्वासना पर कहानी लिखती हूं और मुझे वहां से बहुत सारे ई-मेल आते हैं जिनमें बहुत सारे लोग मुझे चोदने के लिए कहते हैं.
मैं अपने हस्बैंड से सारी बातें खुलकर कर लेती हूं इसलिए उन्होंने मेरी बात ध्यान से सुनी और मुझसे कहा- ठीक है, जैसा तुम्हें अच्छा लगता है, करो!
पर मैं अपने हस्बैंड से बहुत प्यार करती हूं इसलिए मैंने उनसे कहा- हम कुछ नया करते हैं. पर इसमें तुम मेरा साथ दोगे?
उन्होंने कहा- क्या करना होगा?

मैंने उनसे कहा- क्यों ना कुछ नया किया जाए और कुछ पैसा भी कमाया जाए? ई-मेल पर बहुत सारे लोग जो मुझे प्यार करने वाले हैं, मुझे चोदने के लिए पैसे देने के लिए भी तैयार हैं.
तो मेरे हसबैंड ने कहा- ठीक है!

बस फिर क्या था मैंने अपने पहले चाहने वाले से बात की और और वह मान गया. उसने मुझसे कहा- मैं आपके लिए कुछ भी करने को तैयार हूं.
फिर हम लोगों ने एक दिन योजना बना कर उसे जगह बताई कि उसे कहां आना है और कब आना है.
हमने एक होटल में एक रूम बुक किया।

बस फिर क्या था … वह दिन आ गया. हम तीनों एक जगह मिले. मुझे देखते ही उसकी आंखों में एक चमक सी आ गई जैसे वह मुझे अभी खड़ी खड़ी को चोद देगा.
मैं उसकी आंखों में देखकर समझ गई कि आज यह मुझे जी भर कर चोदेगा।

मेरे हस्बैंड ने उनसे कहा- आपको मेरी वाइफ कैसी लगी?
उसने कहा- बहुत अच्छी!
फिर उसने हमें पेमेंट किया जो हमने उसे बताया था.

और बस फिर हम तीनों लग गए अपनी मौज मस्ती में।