हैलो मेरे सभी प्यारे दोस्तो, मैं आपकी प्यारी सी दोस्त कोमल
यह कहानी मेरी मामी और ताऊ जी के बीच की है; मेरी मामी की जुबानी:

दोस्तो, मेरा नाम सुदेश है। मैं एक बहुत ही अच्छे फिगर की मालकिन हूं। 5’6″ की हाइट, 36-30-36 का फिगर, दूध सा सफ़ेद रंग, कसा हुआ शरीर, कुल मिलाकर सेक्स का पटाखा।
सूट सलवार में जबरदस्त एकदम सेक्स की मूर्त लगती हूं। जिसको देखते ही छोटे से लेकर बड़े तक सभी के लौड़े पजामे में फंकार मारने लगते हैं।
इतना पढ़ते ही मेरे सभी पाठकों के लौड़े भी शायद फुंकारे मारने लग गए होंगे।

अब मैं ज्यादा समय न लेती हुई कहानी पर आती हूं।

मैं शुरू से ही एक बहुत ही कामुक लड़की थी। शादी से पहले भी मैं कई बार चुद चुकी थी। मेरी शादी घर वालों ने कम उम्र में हरियाणा के ही एक गांव के बड़े जमींदार से कर दी। मेरे पति भी अच्छे खासे गबरू जवान लोंडे थे। खेतों में मेहनत करके शरीर भी अच्छा बनाया हुआ था।

मेरे पति के 6 इंच के मस्त लौड़े ने मेरी सुहागरात को मुझे पूरा संतुष्ट कर दिया। हर एंगल में मेरी चुदाई करी।

ऐसे ही दिन बीतते गए और मुझे अब लंड कि आदत सी हो गई। शादी के 5 साल के अंदर ही मैंने 2 बच्चों को जन्म दिया। पर अभी भी मेरा बदन बिल्कुल कसा हुआ था। मैंने शादी के बाद अभी तक किसी गैर मर्द के बारे में सोचा भी नहीं था। पर कहते हैं ना होनी को कोई नहीं टाल सकता।

बच्चो के जन्म के बाद घर में और जिम्मेवारी बढ़ गई। जिसके चलते मेरे पति ने सारी जमीन पट्टे पर देने की सोची और अपना कोई नया बिजनेस गांव के नजदीक शहर में ही शुरू कर दिया। मेरे पति ने सारी जमीन अपने ही खास दोस्त दिलबाग सिंह (ताऊ जी) को दे दी।