मेरा नाम आर्यन मल्होत्रा है, मैं दिल्ली का रहने वाला हूँ. आज जो मैं कहानी सुनाने जा रहा हूं, यह एक वास्तविक सेक्स कहानी है और यह कहानी तब की है, जब मैं 19 साल का था और मेरे व मेरी पड़ोसन की चुदाई की शुरूआत से होती है.

मेरा शरीर साढ़े पांच फुट का है. मैं शरीर से एकदम मस्त हूँ. मैं जिस भाभी की चुदाई की कहानी सुनाने जा रहा हूँ, आपको पहले उनके बारे में कुछ बता दूँ ताकि आपका लंड भी खड़ा हो जाए.

भाभी जी एक हुस्न की मल्लिका हैं. उनका फिगर 32-30-34 का है. चूचे एकदम टाईट और गांड एकदम हाहाकारी. आंखों में वासना की मस्ती और चाल में चंचल हिरनी की अदा … होंठ जैसे मद से भरे प्याले हों. काले बालों की चोटी, काली नागिन से बलखाते दोनों चूतड़ों पर बारी बारी से थपकी देते हुए किसी भी मर्द का कलेजा मुँह में लाने को मजबूर कर दे.

वो गर्मी का दिन था, मैं कॉलेज से आया था, तो मुझे बहुत ज्यादा गर्मी लग रही थी. हमारे घर का फ्रिज खराब था, मैं पड़ोसन भाभी के घर चला गया और वहां से फ्रिज से पानी लेकर पीने लगा. हमारे घर के ताल्लुकात, उनके घर से बहुत अच्छे थे, जिसके कारण मैं उनके घर में कभी भी आज आ जा सकता था. इसी कारण मैं उनके घर में पानी डायरेक्ट फ्रिज से लेकर पीने लगा.

उस घर में भैया भाभी और उनका एक 7 साल बच्चा था. अभी उनका बच्चा बाहर कहीं खेल रहा था और भैया काम की वजह से बाहर कहीं गए हुए थे. भैया 4-5 दिन तक नहीं आने वाले थे.

मैं पानी पी कर भाभी के कमरे में चला गया. भाभी उस टाइम मेकअप कर रही थीं.
मैंने उनसे पूछा- भाभी आप लोग इतना मेकअप क्यों करती हैं?

चूंकि मैं उस टाइम उम्र 19 बरस से कुछ माह कम ही थी, तो मुझे ज्यादा कुछ मालूम नहीं था.

मेरी बात पर उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा- मैं तुम्हारे भैया को अच्छा लगूँ, इसलिए.
मैंने कहा- भैया को अच्छा लगूँ … इसका क्या मतलब होता है?
उन्होंने साड़ी अपने चूचों पर सैट करते हुए कहा- तुम नहीं समझोगे.
मैंने कहा- क्यों … मुझमें ऐसी क्या बात नहीं है?
उन्होंने कहा- बस ऐसे ही.

फिर मैं अपने घर वापस चला आया.