मेरा नाम मनीषा है, मैं दिल्ली से हूं. मेरा फिगर ऐसा है कि अगर कोई मर्द देख ले तो उसका लंड खड़ा हो जाए. मेरे आस पड़ोस में जितने भी मर्द है सब मुझे आँखों आँखों में घूरते हैं, मुझे चोदना चाहते हैं वे चाहते हैं कि इस भाभी को हम पटक पटक कर चोदें।

मेरे हस्बैंड भी मुझे बहुत चोदते हैं, मैं भी उनका भरपूर साथ देती हूं। वे अक्सर मुझे किसी दूसरे मर्द से चुदने के लिए रिझाते हैं। जब मैं बेड पर होती हूं तो किसी दूसरे मर्द से चुदने के नाम पर मैं भी पागल सी हो जाती हूं और खुद अपने हस्बैंड को चोदने के लिए बोलती हूँ।
रोज एक व्यक्ति के साथ सेक्स, चाहे आप उसे कितना भी प्यार करते हों, बोर होने लगता है. मैं अपने हस्बैंड से बहुत प्यार करती हूं लेकिन फिर भी मुझे किसी दूसरे आदमी के नाम पर चुदना बहुत अच्छा लगता है।
हमारी इस सेक्स लाइफ में अब यह रोजाना का काम था।

और कहते हैं ना कि आप जो जिंदगी रोज जीने लगते हैं वह एक दिन सच भी होने लगती है. बेड पर मेरा और मेरे हस्बैंड का किसी दूसरे मर्द का नाम सुनते ही गर्म हो जाना उनका मुझे खूब चोदना और मेरा उनसे खूब चुदना।

अब मैं और मेरे हस्बैंड सच में किसी को ढूंढने लगे जिस पर हम भरोसा कर सकें और जो हमारी जरूरत को पूरा कर सके.
मेरे हस्बैंड ने कहा- जो मेरे बॉस है ऑफिस में, जो हमारे घर पर अक्सर आते भी रहते हैं, वे अक्सर तुम्हारे बारे में पूछते रहते हैं कि भाभी कैसी हैं.

खुद मैंने भी यह बात नोट की थी कि जब वे हमारे घर किसी फंक्शन या पार्टी में आते थे तो वे मुझे बहुत देखते थे. तब शायद मैंने उन पर इतना ध्यान नहीं दिया लेकिन जब मेरे हस्बैंड ने कहा कि ऑफिस में भी अक्सर मेरे बारे में पूछते रहते हैं तब मैंने उन पर ध्यान देना शुरू किया.

शायद मेरे हस्बैंड ने मुझमें किसी और मर्द से चुदने की लालसा बढ़ा दी थी इसलिए मैंने अपने हस्बैंड से कहा- क्यों ना आप एक दिन अपने बॉस को घर पर बुलाओ और जैसे आप कहते हो कि आप मुझे किसी और से चुदते हुआ देखना चाहते हो और क्यों ना हम अपनी यह ख्वाहिश पूरी करें।

मेरे हस्बैंड मेरी तरफ देखने लगे, वे मेरी मांग में लगा सिंदूर देखकर पूछने लगे- क्या सच में तुम किसी और से चुदना चाहती हो?
मैंने भी हंसकर हां कह दी और फिर वहां से चली गई.

मेरे हस्बैंड मुझे जाते हुए देखते रहे.